Garbh Dharan Ke Totke

  • पीपल, सोंठ, कालीमिर्च और नागकेसर इनको समभाग महीन पीस छान कर 4 माश लें और 6 माशे घी मे मिलाकर 7 दिन तक प्रात:खाने से बांझ भी गर्भवती हो जाती है|

  • नागकेसर और सुपारी का चूर्ण सेवन करने से भी गर्भ रह जाता है|

  • गर्भ रहने पर, यदि गर्भवती ढाक का एक पता ढूध मे पीसकर पीती है तो निश्चय ही वीर्यवान पुत्र होता है|
      नोटः ढाक के बीजों की राख और हीग इन दोनों को ढूध मे मिलाकर पीने से गर्भ नहीँ रहता|

  • पुत्रजीव वृक्ष की जड़ ढूध मे पीसकर पीने से दीघ्रयु पुत्र होता है|

  • पुत्रजीव वृक्ष की जड़ और देवदारु इन दोनों को ढूध मे पीसकर पीने से अवश्य पुत्र होता है|

  • बिजौरे नींबू के बीज, बछड़े वाली गाय के ढूध मे पीसकर पीने से निश्चय ही पुत्र होता है|

  • 4 माशे नागकेसर, बछड़े वाली गाय के ढूध मे पीसकर पीने से निश्चय ही पुत्र होता है|

  • काले तिल, सोंठ, पीपर, कालीमिर्च, भारगी और पुराना गुड़ इन सबको बराबर- बराबर, चार - चार माशे लेकर, पाव भर जल मे ओउटए और सुबह - शाम इसका सेवन करें|

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