Supari Vashikaran Totka

सुपारी वशीकरण आदमी और औरत के लिए |

पीर मैं नाथ |
प्रीत मैं माथ |
जिसे खिलाऊ वह मेरे साथ ||
यह सुपारी मेरे दिल का |
यह सुपारी मेरे मन का |
यह सुपारी सुन्दर वन का |
जो खाये सो भटके वन मे |
ढूढ़े मुझको तड़पे वन मे |
बिना डोर बंध कर चलि आवे |
कामाख्या देवि शक्ती दिखावे ||
शब्द सांचा पिण्ड काचा |
फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा ||

इस की सिद्धि के लिऐ कोई ऐसा जलाशय, टब या बाथटैंक चाहिये, जिसमे शारीर गर्दन तक डूब जाये | एक छोटी स्वस्थ पकी हुई सुपारी लेकर उसे घी मे तर कर ले उसके बाहरी आवरण के छिलके को देख ले कि कही उसमे छिलका न लगा हो | इसे घी के साथ पानी से निगल जाये | ( साबूत पूरा ) और बिना वस्त्र के पानी के अन्दर गर्दन डुबाकर 1188 बार इस मंत्र का जाप करें |

इतने समय तक पानी बर्दास्त नहीं हो तो प्रथम 1080 मत्र बहार ही सुखासन मे बैठकर जप ले, फिर 108 मत्र पानी मे जपे |

प्रत: काल शौच के समय ध्यान रखे | यह सुपारी निकलेगी | इसे उठाकर अपने स्नान के पानी से धो ले और सुखाकर रख ले | इस सुपारी का एक छोटा टुकड़ा जिसे खिला देंगे  वह वश मे हो जायेगा और सदा आपके वश मे रहेगा |

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